शनिवार, 17 अप्रैल 2010

चंदा और सुनंदा

सुनंदा पुष्कर को अभी कुछ दिन पहले तक कोई नहीं जानता था। अब सभी की जुबान पर उनका नाम है। विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की दोस्त सुनंदा के कारण राजनीति में भूचाल आया हुआ है। कोच्चि टीम के शेयर धारकों में उनका क्या आया, गोया एक तूफान ही आ गया। थरूर की कुर्सी डगमगा गई। सुनंदा तो बयान देकर चुप हो गईं, पर विपक्ष शशि के पीछे पड़ा हुआ है। इस बार शशि-ग्रहण के पीछे है यह दोस्ती।



सुनंदा पुष्कर की पहचान फिलहाल विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की गहरी दोस्त के रूप में है। आईपीएल की नई टीम कोच्चि के शेयर धारकों को लेकर छिड़े विवाद में उनका जिक्र आया और फिर खुलती गई परत दर परत थरूर से उनके रिश्ते की बात। आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने खुलासा किया कि कोच्चि टीम में उनकी भी हिस्सेदारी है, जो करीब 70 करोड़ की है। अब तक उन्होंने यह बात इसलिए नहीं जाहिर की थी, क्योंकि थरूर ने उन पर सुनंदा का नाम नहीं बताने के लिए दबाव बनाया था।

लेकिन जाने फिर क्या हुआ कि मोदी उस ‘दबावज् से उबर गए और उन्होंने गोपनीयता के नियम को दरकिनार करते हुए कोच्चि टीम के शेयर धारकों के नाम बता दिए। सारी कवायद में एक बात कहीं पीछे छूट गई कि सुनंदा एक सफल व्यवसायी भी हैं और कोच्चि टीम में उनकी हिस्सेदारी केवल थरूर की ‘मेहरबानीज् नहीं है। सुनंदा को इसी बात का मलाल है कि मीडिया ने उनके और थरूर के रिश्तों की तो खूब चर्चा की, लेकिन एक कामयाब महिला व्यवसायी के रूप में उनके व्यक्तित्व को नजरअंदाज किया।

सुनंदा मूलत: जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हैं और फिलहाल दुबई में स्पा चलाती हैं। वहां स्पा का उनका लंबा-चौड़ा कारोबार है। साथ ही वे सऊदी अरब सरकार द्वारा संचालित एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में कार्यकारी के पद पर भी कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने वहां विज्ञापन कंपनियों और ट्रेवल एजेंसी के साथ भी काम किया। दुबई की एक रियल इस्टेट कंपनी में भी उन्होंने निदेशक के पद पर काम किया। कनाडा के टोरंटो शहर में भी उन्होंने आईटी फर्म में काम किया। वे सेल्स व मार्केटिंग की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। पिछले कुछ दिनों में सुनंदा और थरूर कई मौकों पर साथ-साथ देखे गए। दो माह पहले कें्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के विवाह समारोह में भी दोनों साथ गए थे। चर्चा तो यह भी है कि सुनंदा और थरूर ने कई कैबिनेट डिनर भी साथ-साथ लिए। तब विभिन्न मौकों पर सुनंदा का परिचय ‘थरूर की कनाडा की मित्रज् के रूप में कराया गया। दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चा तो तभी से थी। थरूर ने भी बड़ी साफगोई से कहा कि वे सुनंदा को बहुत अच्छी तरह जानते हैं।

करीब एक माह पहले भी दिल्ली में विदेश मंत्रालय और फिक्की के बीच खेले गए एक दोस्ताना मैच के दौरान दोनों साथ-साथ देखे गए थे, जिससे उनके ‘गहरे रिश्तेज् को और बल मिला। मैच से इतर थरूर को जब भी फुर्सत मिली, उन्होंने सुनंदा के साथ ही वक्त बिताया। खबर के पिपासुओं ने ब्रेक के दौरान थरूर को सुनंदा के लिए चाय बनाते भी देखा। अब एक बार फिर आईपीएल की कोच्चि टीम के शेयर धारकों को लेकर छिड़े विवाद में सुनंदा का जिक्र बार-बार आया और थरूर से उनके रिश्तों की बात को भी खूब हवा मिली।

अड़तालीस वर्षीया सुनंदा मूलत: कश्मीर घाटी की रहने वाली हैं। उनका पैतृक घर सोपियां जिले के बोमई गांव में हैं। पिता पोष्कर नाथ दास सेना में कर्नल रह चुके हैं। 1983 में वे लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए। बारामूला के सनिक स्कूल से उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी की। श्रीनगर के सरकारी महिला कॉलेज से सुनंदा ने बीए की डिग्री ली। बाद में उन्होंने होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया। इस बीच 1989 में घाटी में शुरू हुए आतंकवाद का असर कर्नल दास के परिवार पर भी पड़ा। आंतकवादियों ने उनके घर जला दिए, जिसके बाद उनका पूरा परिवार जम्मू चला गया। उनके दो भाई भी हैं, जिनमें से एक बैंक में कार्यरत हैं तो दूसरे सेना में।

सुनंदा की दो शादी हो चुकी है। उनके पहले पति संजय रैना कश्मीर के ही रहने वाले थे, जो दिल्ली में एक होटल में काम करते थे। लेकिन यह शादी अधिक दिनों तक चल नहीं पाई और दोनों का तलाक हो गया। सुनंदा को जानने वाले उन्हें एक आधुनिक लड़की बताते हैं, जो तलाक के वक्त आम लड़कियों की तरह रोना-धोना नहीं, बल्कि सेलिब्रेशन कर रही थीं। तलाक के बाद सुनंदा दुबई चली गईं, जहां उन्होंने सुजीत मेनन से विवाह किया। मेनन मूलत: केरल के रहने वाले थे। वे अग्निशमन उपकरणों के बहुत बड़े डीलर थे और इवेंट मैनेजर भी। लेकिन दिल्ली में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। उनका एक पं्रह साल का बेटा भी है। अब थरूर से उनके ‘गहरे रिश्तोंज् के आधार पर उनकी शादी की बात कही जा रही है। यदि थरूर और उनके रिश्ते शादी तक पहुंचते हैं तो यह उनकी तीसरी शादी होगी। उधर, थरूर की भी यह तीसरी शादी होगी। थरूर की पहली पत्नी तिलोत्तमा मुखर्जी कोलकता की रहने वाली थीं, जिनसे उनका तलाक हो गया। उनकी दूसरी पत्नी क्रिस्टा गिल्स कनाडा की रहने वाली हैं, जिनसे उनका तलाक होने वाला है। तलाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद थरूर और सुनंदा की शादी की बात कही जा रही है।

सुनंदा परंपराओं से हटकर काम करने के लिए भी जानी जाती हैं। पंडितों की सालों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए उन्होंने अपने पिता का पहला नाम अपने सरनेम के रूप में इस्तेमाल किया, हालांकि इसमें उन्होंने थोड़ी फेरबदल की। उन्होंने अपने पिता के पहले नाम पोष्कर को थोड़े फेरबदल के साथ पुष्कर किया और उसे अपने सरनेम के रूप में इस्तेमाल किया। इस तरह सुनंदा दास सुनंदा पुष्कर हो गईं।

4 टिप्पणियाँ:

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

मेरा ख़्याल है कि शीर्षक में धंधा छूट गया है.

Shekhar kumawat ने कहा…

KYA BAT HE KAJAL JI

SHKHAR KUMAWAT

http://kavyawani.blogspot.com/\

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

आपने भी क्या खूब बताया चंदा और सुनंदा के बारे में ...

राज-नीति ने कहा…

क्या खुब! चलो अब थरूर पर कलम चलाने की बारी है।